दोस्त बस याद रखना
हम मिलेंगे ना उस तरह
फिर भी मुझे याद रखना
हम रहे या ना रहे
फिर भी मुझे याद रखना
मुहबत में बनाया था खुदा
बेगेर तेरे मैं हूँ कहाँ
हैं वो, तुम्हारा नसीब ये ठीक हैं
मगर बेगानों में भी मुझे याद रखना
क़समें साथ खाई थी
सब जनम साथ निभाने को
इस जनम भी साथ रख ना पाई
फिर भी मुझे याद रखना
हम रहे ना वो शक्स
जो थे बस तुम्हारे मुरीद
हम ही ग़लत थे ये मान लिए
फिर भी बस याद रखना
याद रखना वो बातें मेरी
याद रहे वो मुलाक़ातें मेरी
हो सके तो मुझे माफ़ करना
जाना माना बस मुझे याद रखना
हम ग़लत ही सही
हम गिरे ही सही
फिर भी ये गुज़ारिश हैं मेरी
अपने आस पास रखना
बस मुझे याद रखना