अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं

अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं ,
रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया,
वोह एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं.....
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई,
उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें...
इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं,
सवालो से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं,
जो समझ न सके मुझे, उनके लिए "कौन"
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं,
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं,,,,,
"अगर रख सको तो निशानी, खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं"....  अज्ञात 

जुरुरत पड़ी तो तेरी याद याई

जुरुरत पड़ी तो तेरी याद याई, आज मुझे भी इबादत की याद आई

सुन्न पड़ चुकने के बाद ही सही, मगर तेरी तो याद आई....

बन के एक फरयादी आ गया तेरे दर पर अपने सर को झुका..

अब तू सुने या न सुने मुझे तेरे से कोई सिकवा नहीं....

सबने कहाँ तू मालिक हैं सबका

मैं एक पगला सा खड़ा सब पर यूँ हँसता रहा...

आज जब मैंने भी खाई हैं ठोकर..

सच कह रहा हूँ तब मैंने जाना तुझको..

अब तू मुझे अपना या ठुकरा दे तू मुझे...

गम बस एक बात का होगा की क्यू नहीं पहले तेरी याद आई