मैं हमेशा तुम्हें मिस करता हूँ
गुरुर
कब्र की मिट्टी हाथ में लिए सोच रहा हूँ,
लोग मरते हैं तो गुरुर कहाँ जाता हैं!!!
सूखे पत्तों की तरह बिखरे थे हम,
किसी ने समेटा भी तो सिर्फ जलाने के लिए..........
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