मैं हमेशा तुम्हें मिस करता हूँ
नसीब
दीदार की 'तलब' हो तो नज़रे जमाये रखना 'ग़ालिब';
क्युकी, 'नकाब' हो या 'नसीब'... सरकता जरुर है।
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